जानिए धारा 370 की पूरी सच्चाई। Article 370 Kya Hai

जानिए धारा 370 की पूरी सच्चाई। Article 370 Kya Hai

नमस्कार दोस्तो ,इस पोस्ट में जानेगें की कैसे शुरुआत हुई धारा 370 की
हमारा देश जब स्वतँत्र हुआ तब पूरा भारत छोटी छोटी रियासतों और ठिकानो में विभक्त था। एक रियासत अपने आप मे एक देश थी लेकिन जब अंग्रेज भारत छोड़कर गए तब उन्होंने एक कानून बनाना जिसे केबिनेट मिशन के नाम से जाना जाता है। इसके तहत वह रियासते जिनकी आबादी 10 लाख से ज्यादा हो और उसकी वार्षिक आय 1 करोड़ रुपये से अधिक हो वह अपना स्वतँत्र अस्तित्व रख सकती है या भारत और पाकिस्तान में से किसी भी देश मे शामिल हो सकती है।

जानिए धारा 370 की पूरी सच्चाई। Article 370 Kya Hai

इस केबिनेट मिशन की शर्तों को जम्मू कश्मीर की रियासत परिपूर्ण करती थी। उस समय जम्मू कश्मीर के राजा थे हरि सिंह । महाराज हरि सिंह अपना स्वतंत्र अस्तित्व रखना चाहते थे ।अर्थात हरिसिंह यह चाहते थे कि वह न तो भारत मे सम्मिलित होंगे और न ही पाकिस्तान में । इसी समय पाकिस्तानी कबाइलियों ने जम्मू कश्मीर पर धावा बोल दिया जिसके कारण हरिसिंह को यह लगा कि अब भारत मे सम्मिलित होना ही उचित है। अतः हरिसिंह ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को पत्र लिखकर यह आग्रह किया कि जम्मू कश्मीर भारत मे विलय होना चाहता है । अंतत भारतीय सेना ने जम्मू में कबाइलियों का दमन किया और इस प्रकार जम्मू कश्मीर भारत में सम्मिलित हुआ ।

आखिर कैसे शुरू हुई धारा 370


जब महाराजा हरिसिंह ने भारत सरकार को पत्र लिखकर यह मंशा जताई कि जम्मू कश्मीर भारत मे सम्मिलित होने चाहता है तब भारत सरकार के पास इतना समय नही था कि कश्मीर को भारत मे शामिल करने के लिए काम शुरू किया जा सके।
इन्ही परिस्तिथियों को ध्यान में रखते हुए Jawahar Lal Nehru ने अपने खास चेले Gopal Shankar Aayangar से एक ड्राफ्ट तैयार करवाया जिसे 306 A का नाम दिया गया लेकिन आगे चलकर यह धारा 370 के रूप में देश पर लागू कर दिया गया।

कैसे शुरुआत हुई धारा 370 की


और नेहरू ने अपने दोस्त से एक अब्दुल्ला की खुशी के लिए इस धारा को हमारे देश पर लागू कर दिया. नेहरू की वजह से ही महाराजा हरि सिंह को जम्मू कश्मीर का शासन शेख अब्दुल्ला के हाथों में सौंपना पड़ा. और सरदार पटेल को इस बात से गुमशुदा रखकर धारा 370 लागू करवा दी गई और इसी वजह से नेहरू और सरदार पटेल की दोस्ती टूट गई धारा 370 इतनी खतरनाक थी. कि उस समय उस समय के कानून मंत्री और संविधान के निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर ने भी इस धारा को लागू करने से मना कर दिया था. लेकिन नेहरू के जबरदस्ती करने से आखिरकार जम्मू-कश्मीर में इस धारा को लागू कर दिया गया. और उसके कारण जम्मू-कश्मीर को कुछ विशेष अधिकार मिल गए. तो वे कोन-कौन से विशेष अधिकार थे जो कि धारा 370 को लागू करने के बाद जम्मू-कश्मीर को मिल गए तो उसके बारे में मैं आपको नीचे बता रहा हूं.

जानिए धारा 370 की पूरी सच्चाई। Article 370 Kya Hai


धारा 370 के प्रभाव

महाराजा हरिसिंह से जम्मू कश्मीर का राज छीनकर शेख अब्दुल्ला को दे दिया गया ।
एक एक करके धारा 370 के प्रभाव जानने का प्रयास करते है–
1 जम्मू कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है एक जम्मू कश्मीर की नागरिकता ओर दूसरी भारत की नागरिकता
2 भारत सरकार जम्मू कश्मीर के लिए केवल तीन मुद्दो पर ही कानून बना सकती है और वह है रक्षा विदेश और संचार
3. जम्मू कश्मीर का निवासी भारत मे कही भी जमीन खरीद सकता है जबकि भारत के अन्य नागरिक जम्मू कश्मीर में जमीन नही खरीद सकते हैं।
4 जम्मू कश्मीर की लड़की यदि पाकिस्तान के किसी लड़के के साथ शादी करती है तो उस लड़के को भी जम्मू सरकार की नागरिकता मिल जाती है।
5 धारा 370 की वजह से कश्मीर में Right to Information CAG RTE भी लागू नहीं है.

जानिए धारा 370 की पूरी सच्चाई। Article 370 Kya Hai


6.जानिए धारा 370 की पूरी सच्चाई। Article 370 Kya Hai. अगर हम सीधे तौर पर बात करें तो भारत का कोई भी कानून जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं है.
7. कश्मीर में रहने वाले अल्पसंख्यक जो कि हिंदू और सिख हैं. उन को 16% आरक्षण भी नहीं मिलता है.

8.कश्मीर में महिलाओं पर शरियत कानून लागू है.

9. जम्मू कश्मीर का अपना अलग संविधान है
10.धारा 370 के अनुसार राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्खास्त करने का अधिकार भी नहीं है. और ना ही जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन को लागू किया जा सकता है.
11.धारा 370 के कारण जम्मू कश्मीर राज्य के पास अपना एक अलग से ध्वज हैं।जबकि भारत के अन्य किसी भी राज्य के पास अपना अलग से राज्य ध्वज नही है ।
तो दोस्तों इस पोस्ट में हमने धारा 370 क्या है यह जानने की कोशिश की ।
यदि आपको लगता है कि आपके पास इसे हटाने का उपाय है तो हमे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।



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