Wifistudy Success Story। Wifistudy की Failure से Success की कहानी

WiFi study success story

लक्ष्य का पीछा करो,
धन का नहीं

WifiStudy Success Story

क्योंकि पैसा कुछ समय के बाद समाप्त हो जाएगा।लेकिन अर्जित किया गया ज्ञान आपके जिंदगी भर काम आएगा।और इसी तरह WiFiStudy के संस्थापक ने दिनेश गोदारा ने किया। प्रत्येक छात्र के साथ वित्तीय मुद्दों, असम्बद्ध कोचिंग, परिवहन, कमरे के किराए से जुड़ी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक विद्यार्थी को डिजिटल शिक्षा प्रदान करने का विचार बना लिया।और लग गए डिजिटल शिक्षा क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए। विचार लाना आसान हैं, लेकिन उन विचारों को दैनिक जीवन मे अमल में लाना उतना ही मुश्किल है। WiFiStudy ने हाल ही में अपना तीसरा सफल वर्ष मनाया। शिक्षा जगत में इस तरह की क्रांति लाने में Wifistudy को 3 साल का समय लग गया। वास्तव में पैसे किसी समस्या और बाधाओं को हल नहीं करते हैं बल्कि उन्हें बाधाओं को हल करती ही मनुष्य की लगन और मेहनत। इस प्रतिष्ठित स्टार्टअप को शुरू करने का श्रेय श्री दिनेश गोदारा (संस्थापक और सीईओ)को जाता है- जो की एक विनम्र और सहज स्वभाव वाले व्यक्ति है। उन्होंने राष्ट्र के युवाओं के लिए “नो नीड टू गो एनीवेयर” तरीके से शिक्षा प्रदान करने के लिए आधी रात को मशाल जलाई। उनके कई शैक्षणिक पोर्टल शुरुआत में विफल रहे और फिर अंततः, WiFiStudy नाम से नया पोर्टल लॉन्च किया जिसका उद्देश्य था आर्थिक रूप से गरीब विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा के लिए एक सरल औऱ फ्री पोर्टल उपलब्ध करवाना। ताकि एक मध्यम परिवार से आने वाले विद्यार्थी जो जयपुर या दिल्ली जाकर किसी प्रतिष्ठित कोचिंग क्लास से पढ़ाई नही कर सके उनके लिए घर बैठे उच्च गुणवत्ता और फ्री कोचिंग उपलब्ध करना ही Wifistudy और उनकी टीम का उद्देश्य है।

Wifistudy Success Story। Wifistudy की Failure से Success की कहानी


Wifistudy Staff And Teacher

Wifistudy टीम में 70 से ज्यादा कर्मचारी है जो दिनरात लगे हुए है Wifistudy को नए आयामो पर ले जाने के लिए। Wifistudy में काम करने वाला प्रत्येक कर्मचारी अपने आप मे Wifistudy का Owner है।
यह सब श्री दिनेश गोदारा के चुंबकीय व्यक्तित्व के कारण है। कंपनी की सबसे अच्छी चीजों में से एक यह है कि प्रत्येक कर्मचारी का बॉस के लिए एक सीधा दृष्टिकोण है जो वास्तव में बहुत दुर्लभ है।


Kaise बना Wifistudy इतना बड़ा डिजिटल शिक्षा चैनल


श्री दिनेश गोदारा ने wifistudy पोर्टल लांच करने से पहले कई अलग अलग प्रोजेक्ट पर काम किया लेकिन उन्हें हर बार निराशा ही हाथ लगी। WiFiStudy में निवेश करने के लिए शुरुआती फंडिंग के लिए उन्होंने कुछ फ्रीलांसिंग प्रोजेक्ट्स पर काम किया।


WiFiStudy की मेहनती यात्रा:


Wifistudy पोर्टल वर्ष 2013 में शुरुआत में 2 शहरो में शुरु हुआ जयपुर और दिल्ली में, जिसका उद्देश्य भारत में उन छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। सीखने के तरीके को बदलने के विचार का उपयोग करते हुए, WiFiStudy को उपयोगकर्ताओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया के साथ लॉन्च किया गया था। श्री दिनेश गोदारा ने इसकी उपयोगिता को माना और इसे कुछ मूल्यवान बनाने के लिए दृढ़ संकल्प लिया। पैसे प्राप्त करना आज एक स्टार्टअप के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता है, लेकिन शुरुआती दौर में फंडिंग पाना इतना आसान काम नही था।यह एक विपरीत समय था। आज कंपनी का विकास हुआ और दिल्ली में एक कार्यालय स्थापित किया गया, जिसने व्यवसाय को आगे बढ़ाया। स्टार्टअप को उतारने के साथ, श्री गोदारा ने अपनी कुशल टीम के साथ Vocab24 और GK24 सहित कई मोबाइल एप्लिकेशन को 2 मिलियन और डेढ़ मिलियन उपयोगकर्ताओं के साथ क्रमशः व्यापार की पहुंच में विविधता लाने के लिए शुरू किया।


इन ऐप्स ने Start-up के मूल्य को बढ़ाने में मदद की जिससे बिना किसी फंडिंग के अपने कार्यों को शुरू किया। देश भर के छात्रों ने ब्रांड को पहचानना और उसकी सेवाओं का उपयोग करना शुरू कर दिया। जैसे ही ऑनलाइन तैयारी की मांग बढ़ी, WiFiStudy ने वीडियो समाधान, ऑनलाइन टेस्ट सीरीज़, लाइव क्लासेस और शंका समाधान सत्रों को पैसे और उपयोगकर्ताओं के संदर्भ में लाभ कमाने के लिए शुरू किया। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए शैक्षिक सेवाएं उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं जो खर्च कर सकते हैं और जो नहीं कर सकते हैं उनके लिए भी।


WiFiStudy YouTube चैनल


यह चेनल SSC और बैंकिंग परीक्षा के लिए चार मिलियन से अधिक ग्राहकों के लिए दैनिक आधार पर बैक टू बैक लाइव क्लासेस प्रदान करता है। Wifistudy अब भारत में शीर्ष 5 ई-लर्निंग प्लेटफार्मों में शुमार हो चुका है।

कंपनी के निदेशक के कुछ शब्द:

Wifistudy Success Story


श्री गोदारा हमेशा एक प्रभावी टीम बनाने में व्यस्त रहते हैं। उनका मानना ​​है कि “यदि आप जल्दी पहुँचना चाहते हैं, तो अकेले चलें … लेकिन आपको दूर तक जाना है, तो हाथ में हाथ डालकर चलें”। धीरे-धीरे लेकिन स्मार्टनेस के साथ लगातार कड़ी मेहनत आपको अपने सपनों की मंजिल तक ले जा सकती है। वह कहते है कि “हम सभी के मन में वह अंतिम लक्ष्य है जिसे हम प्राप्त करना चाहते हैं। हम इसके लिए कड़ी मेहनत करते हैं और पूरे समय कई बार असफल होते हैं, लेकिन जो चीज हमें चलते रहने में मदद करती है वह है हमारी प्रतिबद्धता। बस याद रखें, हर समस्या एक समाधान के साथ आती है, हमें बस इसे खोजने की जरूरत है। ”

तो दोस्तो आपको दिनेश सर के संघर्षशील जीवन से क्या सीख मिलती है हमे कमेंट बॉक्स में अवश्य बताये।

जय हिंद

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